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Wednesday, 18 Mar 2026 06:30 pm Global Star News

JEE मेन परीक्षा में गलत प्रश्नों को लेकर NTA पर सवाल

JEE मेन परीक्षा में गलत प्रश्नों को लेकर NTA पर सवाल

By Gulzar Ahmad | Wednesday, 18 Mar 2026 Global Star News

SIGNUM ACADEMY में प्रेस वार्ता, छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप

रुड़की। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित JEE मेन परीक्षा में पूछे गए कुछ प्रश्नों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। रुड़की के NIH रोड स्थित SIGNUM ACADEMY में अकादमी के डायरेक्टर वसीम अकरम द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में NTA की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए।
प्रेस वार्ता के दौरान वसीम अकरम ने बताया कि JEE मेन सेशन-1 के प्रश्नपत्र में कई प्रश्न गलत थे। NTA ने खुद स्वीकार किया कि 9 प्रश्न गलत थे, जिन्हें बाद में ड्रॉप कर दिया गया। लेकिन इसके अलावा भी 6 प्रश्न ऐसे थे जो पूरी तरह गलत थे, जिन पर NTA ने कोई कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने कहा कि इन गलत प्रश्नों को हल करने में छात्रों का काफी समय खराब हुआ। कई छात्र इन प्रश्नों को हल करने की कोशिश में उलझे रहे और अंत में उन्हें छोड़ना पड़ा, जिससे छात्रों को लगभग 30 अंकों तक का नुकसान हुआ। इसका सीधा असर छात्रों की रैंकिंग पर पड़ा और कई प्रतिभाशाली छात्रों की पर्सेंटाइल काफी नीचे चली गई।

प्रेस वार्ता के दौरान वसीम अकरम ने स्मार्ट बोर्ड पर उन सभी छह प्रश्नों को उनके कोड के साथ प्रस्तुत किया और विस्तार से बताया कि उनमें क्या-क्या त्रुटियां थीं। उन्होंने बताया कि पहले उन्होंने स्वयं इन प्रश्नों को कई बार अलग-अलग तरीकों से हल किया और उसके बाद उनकी पुष्टि के लिए IIT रुड़की के फिजिक्स विभाग के प्रोफेसर से भी क्रॉस-चेक कराया, जिन्होंने भी इन प्रश्नों में त्रुटि होने की बात को सही माना।
इस मुद्दे को उठाने में देरी को लेकर पूछे गए सवाल पर वसीम अकरम ने कहा कि देश में कई बड़े शिक्षण संस्थान हैं। जब किसी ने इस विषय को सार्वजनिक रूप से नहीं उठाया तो उन्हें लगा कि शायद उनसे ही कोई गलती हो रही हो। इसलिए उन्होंने सभी प्रश्नों को बार-बार हल किया और विशेषज्ञों से जांच कराने के बाद ही प्रेस वार्ता करने का निर्णय लिया।

उन्होंने कहा कि प्रेस वार्ता का मुख्य उद्देश्य यह है कि यह मामला NTA और केंद्र सरकार तक पहुंचे और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इन प्रश्नों की निष्पक्ष जांच की जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वह माननीय सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर करेंगे।

वसीम अकरम ने बताया कि JEE मेन सेशन-1 परीक्षा में पूरे देश से लगभग 16 लाख छात्रों ने भाग लिया था। NTA की प्रक्रिया के अनुसार यदि किसी छात्र को कोई प्रश्न गलत लगता है तो उसे उस प्रश्न की री-चेकिंग के लिए 200 रुपये शुल्क जमा करना पड़ता है।
इस पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि 16 लाख छात्र किसी एक प्रश्न के लिए 200 रुपये जमा करते हैं तो यह राशि लगभग 32 करोड़ रुपये बनती है। इसी तरह यदि कई प्रश्नों पर आपत्ति दर्ज कराई जाती है तो यह राशि सैकड़ों करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि परीक्षा फॉर्म फीस और अन्य शुल्क को भी जोड़ दिया जाए तो यह आंकड़ा और भी बड़ा हो जाता है।

उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि छात्रों के साथ न्याय हो सके और उनके भविष्य के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ न हो।

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