रिपोर्ट : गुलज़ार अहमद
मरगूबपुर: राजकीय महाविद्यालय मरगूबपुर में पिछले कुछ दिनों से चल रहा तनाव सोमवार को तब शांत हुआ, जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और छात्र संघ ने प्रशासन के आश्वासन के बाद अपना धरना समाप्त करने की घोषणा की। यह प्रदर्शन एबीवीपी के छात्र नेता लुकमान के साथ दो शिक्षकों द्वारा कथित तौर पर की गई धक्का-मुक्की और अभद्रता के विरोध में किया जा रहा था।
शुक्रवार को हुआ था विवाद विवाद की शुरुआत बीते शुक्रवार को हुई थी। छात्र नेता लुकमान का आरोप है कि महाविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के शिक्षक मुकेश कुमार गुप्ता और हिंदी विभाग के शिक्षक अनिल कुमार कटियार ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और धक्का-मुक्की की। इस घटना के विरोध में शनिवार को छात्रों ने परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया था।
लिखित माफ़ी की थी मांग आंदोलित छात्रों और छात्र नेता लुकमान की मुख्य मांग थी कि दोनों आरोपी शिक्षक अपने दुर्व्यवहार के लिए सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगें। साथ ही, वे लिखित में यह आश्वासन दें कि भविष्य में महाविद्यालय के किसी भी छात्र या छात्रा के साथ इस प्रकार का निंदनीय व्यवहार नहीं किया जाएगा।
पुलिस प्रशासन और गणमान्य लोगों का हस्तक्षेप मांगें पूरी न होने पर आज (सोमवार को) छात्र नेता लुकमान ने छात्र संघ के पदाधिकारियों और अन्य छात्रों के साथ एक बार फिर अपना धरना-प्रदर्शन जारी रखा। स्थिति को बिगड़ता देख महाविद्यालय प्रशासन ने आसपास के स्कूलों के शिक्षकों, अभिभावक संघ के अध्यक्ष और स्थानीय पुलिस प्रशासन को मौके पर बुलाया।
पुलिस और वरिष्ठ शिक्षकों ने एबीवीपी नेता लुकमान और छात्रसंघ अध्यक्ष अब्दुल्ला से लंबी बातचीत की। इसके बाद महाविद्यालय के प्राचार्य ने छात्रों को स्पष्ट आश्वासन दिया कि दोनों आरोपी शिक्षकों के खिलाफ कॉलेज प्रशासन की ओर से जल्द ही निष्पक्ष जांच की जाएगी।
कार्रवाई न होने पर दी उग्र आंदोलन की चेतावनी प्राचार्य के इस आश्वासन और पुलिस प्रशासन की समझाइश के बाद छात्रों ने अपना धरना रोक दिया है। हालांकि, छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक मोहलत है।
छात्र नेता लुकमान ने चेतावनी देते हुए कहा, "यदि दोनों अध्यापकों पर जल्द से जल्द कोई ठोस विभागीय कार्रवाई नहीं हुई और हमें लिखित रूप में जवाब नहीं मिला, तो हम भविष्य में एक विशाल धरना प्रदर्शन करेंगे।" वहीं, छात्रसंघ अध्यक्ष अब्दुल्ला ने दो टूक शब्दों में कहा कि "महाविद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षकों का ऐसा असभ्य व्यवहार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" फिलहाल, परिसर में शांति लौट आई है, लेकिन अब सभी की निगाहें प्राचार्य द्वारा बैठाई जाने वाली जांच और उसके नतीजों पर टिकी हैं।