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(रिपोर्ट: गुलज़ार अहमद)-हरिद्वार। जनपद में राशन कार्ड व्यवस्था को पारदर्शी और भ्रष्टाचारमुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने अब बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने राशन कार्डों के सत्यापन, फर्जी नामों की पहचान और बाहरी लोगों की संभावित घुसपैठ को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।
जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में डीएम ने स्पष्ट कहा कि सरकारी योजनाओं में किसी भी तरह की सेंधमारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और केवल पात्र लोगों को ही योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने जिला पूर्ति विभाग को निर्देश दिए कि राशन कार्डों का सत्यापन अभियान तेजी से पूरा किया जाए और जिन व्यक्तियों की मृत्यु हो चुकी है, उनके नाम तत्काल प्रभाव से राशन कार्डों से हटाए जाएं।
डीएम ने यह भी कहा कि किसी भी बाहरी व्यक्ति का राशन कार्ड किसी भी स्थिति में न बनाया जाए। इसके लिए पूरे सिस्टम पर कड़ी निगरानी रखने और संदिग्ध मामलों में तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि राशन कार्ड गरीब और जरूरतमंद परिवारों के अधिकारों से जुड़ा बेहद संवेदनशील विषय है। यदि अपात्र लोग फर्जी तरीके से योजनाओं का लाभ लेते हैं तो इसका सीधा नुकसान पात्र लाभार्थियों को होता है। प्रशासन अब ऐसे मामलों पर सख्ती से नजर रखेगा।
बैठक में अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि सत्यापन प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। साथ ही राशन कार्ड व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. लालित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता, एसएलओ आकाश जोशी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल वर्मा, सहायक आयुक्त खाद्य महिमानंद जोशी, जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) अमित कुमार चंद, जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, स्वजल नोडल अधिकारी चंद्रकांत मणि त्रिपाठी, मुख्य उद्यान अधिकारी तेजपाल सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन के इस सख्त रुख के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में हरिद्वार में राशन कार्डों का व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जाएगा, जिससे फर्जी और अपात्र कार्डधारकों की पहचान कर कार्रवाई की जा सके।