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विश्व रक्तदाता दिवस (14 जून) पर मोहम्मद सलीम का संदेश— रक्तदान से बढ़कर नहीं कोई मानव सेवा।

रक्तदान के जरिए इंसानियत की अलख जगा रहे मोहम्मद सलीम, विश्व रक्तदाता दिवस पर दिया मानवता का संदेश रक्तदान महादान : आइए इंसानियत की सबसे बड़ी मिसाल बनें

By गुलज़ार अहमद | Sunday, 14 Jun 2026 Global Star News
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(रिपोर्ट: गुलज़ार अहमद)- हरिद्वार। 14 जून को मनाए जाने वाले विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर समाजसेवी मौ. सलीम ने देशवासियों से रक्तदान के लिए आगे आने की अपील करते हुए कहा कि रक्तदान केवल एक दान नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद को नया जीवन देने का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने कहा कि जब अस्पताल में किसी मरीज को रक्त की आवश्यकता होती है, तब उसका धर्म, जाति, भाषा या समुदाय नहीं देखा जाता, बल्कि सबसे महत्वपूर्ण उसकी जिंदगी होती है।

"रक्त का नहीं होता कोई धर्म" — मोहम्मद सलीम ने विश्व रक्तदाता दिवस पर किया रक्तदान का आह्वान

मौ. सलीम ने कहा कि रक्त का कोई धर्म नहीं होता, उसकी कोई जात नहीं होती और न ही उसमें कोई ऊंच-नीच होती है। जब जीवन बचाने की बात आती है, तब केवल इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म बनकर सामने आती है। उन्होंने समाज में प्रेम, भाईचारे और मानवता की भावना को मजबूत करने के लिए नियमित रूप से रक्तदान करने तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

"एक यूनिट रक्त किसी के जीवन की नई उम्मीद बन सकती है।रक्तदान करें, क्योंकि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं।"

उन्होंने कहा कि आज हम सभी स्वस्थ हैं, लेकिन भविष्य में किसी सड़क दुर्घटना, गंभीर बीमारी, ऑपरेशन या आपातकालीन स्थिति में किसी मां के बेटे, किसी पिता, किसी बहन या किसी मासूम बच्चे को रक्त की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे समय में किसी अजनबी द्वारा किया गया रक्तदान भी किसी परिवार के लिए नई उम्मीद और नया जीवन बन जाता है।

मौ. सलीम ने रक्त केंद्रों और ब्लड बैंकों की जिम्मेदारी पर भी महत्वपूर्ण बात रखते हुए कहा कि देशभर में हजारों लोग निस्वार्थ भाव से रक्तदान करते हैं और अनेक स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जाते हैं। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि जरूरतमंद मरीजों को समय पर और नियमों के अनुसार रक्त उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने कहा कि कई बार गरीब और जरूरतमंद मरीजों को रक्त प्राप्त करने में आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसलिए व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, संवेदनशील और जनहितकारी बनाने की आवश्यकता है, ताकि रक्तदान की पवित्र भावना का सम्मान बना रहे और समाज का विश्वास मजबूत हो।

“रक्त की हर बूंद में बसती है इंसानियत, और रक्तदान से बड़ा कोई जीवनदान नहीं।”

उन्होंने कहा कि रक्तदाता किसी लाभ या स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि मानवता की सेवा के लिए रक्तदान करते हैं। इसलिए यह आवश्यक है कि जरूरतमंद मरीजों को निर्धारित नियमों के तहत उचित शुल्क पर रक्त उपलब्ध कराया जाए। इससे अधिक से अधिक लोग रक्तदान के लिए प्रेरित होंगे और समाज में सेवा की भावना और मजबूत होगी।

मानवता सबसे बड़ा धर्म: मोहम्मद सलीम ने देशवासियों से की नियमित रक्तदान की अपील

मौ. सलीम ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जब भी अवसर मिले, बिना किसी भेदभाव के आगे बढ़कर रक्तदान करें। चाहे जरूरत किसी भी धर्म, जाति या समुदाय के व्यक्ति को हो, मानवता का तकाजा यही है कि हम उसकी मदद करें। उन्होंने ब्लड बैंक और ब्लड बाइक जैसी सेवाओं को भी सहयोग देने का आह्वान किया, ताकि समय पर जरूरतमंद तक रक्त पहुंचाया जा सके।

इंसानियत की मिसाल बने मोहम्मद सलीम, रक्तदान को बताया सबसे बड़ा जीवनदान

उन्होंने कहा कि रक्तदान न केवल किसी की जिंदगी बचाता है, बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश भी देता है कि मानवता आज भी सबसे बड़ा धर्म है। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर उन्होंने सभी लोगों से संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे रक्तदान को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझें और जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहें।

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