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एक पेड़ माँ के नाम, अभियान में एनसीसी कैडेट्स ने लगाए सैकड़ों पौधे, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

84 उत्तराखंड बटालियन एनसीसी के वार्षिक प्रशिक्षण शिविर में हुआ पौधरोपण कार्यक्रम, कैम्प कमांडेंट कर्नल जगदीश अलमिया बोले— प्रकृति की रक्षा ही भविष्य की सुरक्षा

By गुलज़ार अहमद | Tuesday, 14 Jul 2026 Global Star News
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(रिपोर्ट: गुलज़ार अहमद)- रुड़की। 84 उत्तराखंड बटालियन एनसीसी, रुड़की के तत्वावधान में क्वांटम विश्वविद्यालय, मंडावर में आयोजित दस दिवसीय वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के अंतर्गत मंगलवार को पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के संकल्प के साथ "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत व्यापक पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ कैम्प कमांडेंट कर्नल जगदीश अलमिया एवं क्वांटम विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अमित दीक्षित ने पौधरोपण कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी माँ के सम्मान और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करे, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण प्रदान किया जा सकता है। उन्होंने कैडेट्स से पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक उत्तरदायित्व के रूप में अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में डिप्टी कैम्प कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल अमन कुमार सिंह, कैम्प एडजुटेंट कैप्टन सुशील आर्य, क्वांटम विश्वविद्यालय के एस्टेट अधिकारी ललित सैनी, कैप्टन धर्म सिंह, फर्स्ट ऑफिसर (डॉ.) पारस कुमार, फर्स्ट ऑफिसर नीरज नौटियाल, सेकंड ऑफिसर अरुण कुमार, केयरटेकर दीपमाला, दीपिका गोस्वामी एवं प्रियंका प्रजापति सहित बड़ी संख्या में एनसीसी कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक पौधरोपण किया।

अभियान के अंतर्गत बाँस, जामुन, अमरूद, आम और लीची सहित विभिन्न प्रजातियों के फलदार एवं पर्यावरण हितैषी पौधे लगाए गए। कैडेट्स ने पौधों के संरक्षण, नियमित सिंचाई एवं उनकी देखभाल का भी संकल्प लिया। पूरे परिसर में हरियाली और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश देखने को मिला।

इस अवसर पर कैम्प कमांडेंट कर्नल जगदीश अलमिया ने कहा कि एनसीसी का उद्देश्य केवल अनुशासित एवं सक्षम युवा तैयार करना ही नहीं, बल्कि उनमें पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अभियान कैडेट्स में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के साथ-साथ समाज को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करते हैं।

उन्होंने सभी कैडेट्स से अपील की कि वे केवल पौधे लगाकर ही न रुकें, बल्कि उनकी नियमित देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित रखें। यही "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान की वास्तविक सफलता होगी।

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