Wed. Jun 3rd, 2026 9:36:19 PM
Latest News
चिलचिलाती गर्मी में इंसानियत की मिसाल बने मौ. सलीम, प्यासों की सेवा और पशु-पक्षियों के संरक्षण का दिया संदेश   •   हिंदी पत्रकारिता दिवस पर जिला प्रेस क्लब हरिद्वार की संगोष्ठी, पत्रकारिता के मूल्यों को सशक्त बनाने का लिया संकल्प   •   देहरादून में चमकी लंढौरा की बेटी, 100 मीटर हर्डल में स्वर्ण जीतकर आयशा रहमान ने बढ़ाया क्षेत्र का मान   •   हज़रत शाह मोहम्मद शाह काठा पीर की पहली रोशनी के अवसर पर मौ. सलीम ने किया आमंत्रण।   •   इंसानियत और भाईचारे का पैगाम देगा काठा पीर का सालाना मेला, 31 मई से होगी शुरुआत (मौ. सलीम) चिलचिलाती गर्मी में इंसानियत की मिसाल बने मौ. सलीम, प्यासों की सेवा और पशु-पक्षियों के संरक्षण का दिया संदेश   •   हिंदी पत्रकारिता दिवस पर जिला प्रेस क्लब हरिद्वार की संगोष्ठी, पत्रकारिता के मूल्यों को सशक्त बनाने का लिया संकल्प   •   देहरादून में चमकी लंढौरा की बेटी, 100 मीटर हर्डल में स्वर्ण जीतकर आयशा रहमान ने बढ़ाया क्षेत्र का मान   •   हज़रत शाह मोहम्मद शाह काठा पीर की पहली रोशनी के अवसर पर मौ. सलीम ने किया आमंत्रण।   •   इंसानियत और भाईचारे का पैगाम देगा काठा पीर का सालाना मेला, 31 मई से होगी शुरुआत (मौ. सलीम)

केरल में कांग्रेस को बड़ी राजनीतिक सफलता मिली है। केरल को मिला नया मुख्यमंत्री, वी. डी. सतीशन के नाम पर मुहर

लंबे मंथन के बाद कांग्रेस ने किया ऐलान, UDF की बड़ी जीत के बाद सतीशन संभालेंगे कमान

केरल में कांग्रेस को बड़ी राजनीतिक सफलता मिली है। केरल को मिला नया मुख्यमंत्री, वी. डी. सतीशन के नाम पर मुहर
🔊 Listen to News
Speed: 1x
⚠️ Your browser does not support Text-to-Speech. Please try Chrome, Edge, or Safari.

(रिपोर्ट: गुलज़ार अहमद)- केरल में चुनाव प्रचार के दौरान सतीशन ने बड़ा राजनीतिक दांव खेलते हुए कहा था कि यदि UDF गठबंधन 100 सीटों का आंकड़ा पार नहीं कर पाया, तो वह सक्रिय राजनीति से दूरी बना लेंगे। चुनाव परिणाम आने के बाद UDF ने स्पष्ट बहुमत हासिल करते हुए 100 से अधिक सीटें जीत लीं, जिससे सतीशन का दावा सही साबित हुआ।

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, सतीशन की आक्रामक विपक्षी शैली, जनता के मुद्दों पर लगातार सक्रियता और संगठन पर मजबूत पकड़ इस जीत की बड़ी वजह रही। हालांकि शानदार प्रदर्शन के बावजूद मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस के भीतर सहमति बनने में थोड़ा समय लगा। कई वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में थे, जिसके चलते फैसला कुछ दिनों तक टला रहा।


दिल्ली में कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व के साथ लगातार बैठकों और मंथन के बाद आखिरकार वी. डी. सतीशन के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी गई।

विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला कांग्रेस के लिए केरल की राजनीति में नई शुरुआत साबित हो सकता है। अब सतीशन के सामने चुनावी वादों को पूरा करने, सरकार को स्थिर नेतृत्व देने और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

0

Comment As:

Comment (0)