पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा से बढ़ा तनाव, संदेशखाली में सुरक्षाबलों पर फायरिंग की खबर
कई जिलों में हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं से माहौल गरमाया
- By गुलज़ार अहमद --
- Thursday, 07 May, 2026
Global Star News
रिपोर्ट: गुलज़ार अहमद
पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम आने के बाद राज्य का राजनीतिक माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है। विभिन्न जिलों से हिंसा, आगजनी, तोड़फोड़ और राजनीतिक टकराव की खबरें सामने आने के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है।
संदेशखाली में सुरक्षाबलों पर फायरिंग से बढ़ी चिंता
उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली क्षेत्र से सुरक्षाबलों पर फायरिंग की खबर ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है। जानकारी के अनुसार, सरबेरिया-आगरहाटी ग्राम पंचायत के बामनघेरी इलाके में रात के समय गश्त कर रही पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की टीम पर अज्ञात लोगों ने गोलीबारी की।
घटना के बाद पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है। पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है और संदिग्ध लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि अब तक किसी बड़े नुकसान या हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राजनीतिक कार्यालयों और दुकानों में तोड़फोड़ की खबरें
राज्य के कई हिस्सों में राजनीतिक कार्यालयों, दुकानों और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी सामने आई हैं। कोलकाता और आसपास के इलाकों में तनाव बढ़ने की खबरों के बीच कुछ स्थानों पर आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं।
सूत्रों के अनुसार, जगतबल्लवपुर क्षेत्र में एक राजनीतिक कार्यालय में आग लगाने की घटना भी सामने आई है। वहीं कुछ जगहों पर बुलडोजर कार्रवाई और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की चर्चाएं भी तेज हैं, हालांकि प्रशासन की ओर से सभी घटनाओं की विस्तृत पुष्टि अभी नहीं की गई है।
तृणमूल कांग्रेस और विपक्ष आमने-सामने
तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि चुनाव परिणामों के बाद कुछ क्षेत्रों में राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा दिया जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि उनके कार्यालयों को निशाना बनाया गया और कार्यकर्ताओं में डर का माहौल बनाने की कोशिश की गई।
वहीं विपक्षी दलों ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि पश्चिम बंगाल में लंबे समय से राजनीतिक हिंसा की घटनाएं होती रही हैं और प्रशासन को निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, संवेदनशील इलाकों में बढ़ाई गई निगरानी
हालात को देखते हुए कई संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात की समीक्षा कर रही हैं और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था रोकने के लिए रणनीति तैयार की जा रही है। प्रशासन का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
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1. स्थानीय नागरिकों के अनुसार, कई इलाकों में लोग डरे हुए हैं 2. व्यापारियों का कहना है कि हिंसा और तोड़फोड़ का सबसे 3. ज्यादा असर आम जनता और छोटे कारोबारियों पर पड़ता है।





